School Closed: उत्तर भारत में इस समय ठंड अपने चरम पर है। उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में न्यूनतम तापमान तेजी से गिरा है और सुबह के समय घना कोहरा आम लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। खासकर छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन लगातार स्कूलों को लेकर फैसले ले रहा है। बीते कुछ दिनों से स्कूल खुलने और फिर अचानक छुट्टी घोषित होने से अभिभावक भी असमंजस में हैं।
इसी बीच गौतमबुद्धनगर जिले से एक नया अपडेट सामने आया है, जहां कड़ाके की ठंड और शीतलहर को देखते हुए स्कूलों को दो दिनों तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। इसके साथ ही प्रदेश के अन्य जिलों में मौसम का हाल भी गंभीर बना हुआ है। आइए जानते हैं स्कूल बंद रहने का कारण, प्रशासन का फैसला और मौसम विभाग का ताजा अपडेट।
गौतमबुद्धनगर में दो दिन के लिए बंद हुए सभी स्कूल
उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले में ठंड और घने कोहरे को देखते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से आदेश जारी किया गया है। इस आदेश के अनुसार जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को दो दिन तक बंद रखा जाएगा। शनिवार की सुबह जब बच्चे स्कूल पहुंच चुके थे, तभी अचानक छुट्टी का आदेश जारी हुआ। इस फैसले का मुख्य कारण लगातार गिरता तापमान और शीतलहर बताया गया है। प्रशासन का मानना है कि इस मौसम में छोटे बच्चों का स्कूल आना उनके स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
सुबह देर से आदेश मिलने पर मची अफरा-तफरी
स्कूल बंद करने का आदेश सुबह करीब आठ बजे जारी किया गया, जब तक कई स्कूलों की बसें बच्चों को लेकर पहुंच चुकी थीं। ऐसे में कई स्कूलों में स्थिति संभालना मुश्किल हो गया। कुछ स्कूलों ने बच्चों को वापस घर भेजा, जबकि कई जगह बच्चों को स्कूल में ही रोकना पड़ा। अभिभावकों का कहना है कि अगर यह फैसला समय पर लिया जाता तो बच्चों को ठंड में बाहर नहीं निकलना पड़ता।
ऑनलाइन कक्षाओं से मिली कुछ राहत
कई निजी स्कूलों ने पहले से ही हालात को देखते हुए कक्षा तीन तक के बच्चों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कर दी थी। इससे उन बच्चों को राहत मिली, जिन्हें स्कूल आने की जरूरत नहीं पड़ी। वहीं छुट्टी की सूचना मिलने के बाद कई स्कूलों ने तुरंत अभिभावकों को मैसेज भेजकर बच्चों को लेने के लिए कहा। कुछ अभिभावकों को ऑफिस से छुट्टी लेकर स्कूल आना पड़ा, जिससे नाराजगी भी देखने को मिली।
ग्रेप-3 लागू होने से निर्माण कार्यों पर रोक
ठंड के साथ-साथ प्रदूषण ने भी हालात को और गंभीर बना दिया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने नोएडा में ग्रेप-3 को फिर से लागू कर दिया है। इसके बाद शहर में सभी गैर जरूरी निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई है। अधिकारियों के अनुसार प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर सीधा असर पड़ सकता है।
प्रदूषण और सर्दी ने बढ़ाई लोगों की परेशानी
नोएडा और ग्रेटर नोएडा का एयर क्वालिटी इंडेक्स रेड जोन में बना हुआ है। कई इलाकों में एक्यूआई 350 के पार पहुंच गया है। इसके साथ ही न्यूनतम तापमान 6 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया है। ठंडी हवाएं और स्मॉग के कारण सुबह और शाम गलन का अहसास ज्यादा हो रहा है।
यूपी के कई जिलों में घना कोहरा और कम दृश्यता
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश के ज्यादातर जिलों में कोहरे का असर बना रहेगा। कई जगहों पर सुबह दृश्यता बेहद कम दर्ज की गई है। हरदोई, कानपुर, अयोध्या, बिजनौर जैसे जिलों में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री तक पहुंच गया है। लखनऊ में भी ठंड ने लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर दिया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है।
अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह
मौजूदा हालात को देखते हुए अभिभावकों को सलाह दी जा रही है कि वे बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर रखें और स्कूल से जुड़ी हर अपडेट पर नजर बनाए रखें। किसी भी नई सूचना के लिए स्कूल प्रशासन से संपर्क करना बेहतर रहेगा।