Winter Vacation School Closed: जिले में पिछले कुछ दिनों से ठंड ने लोगों की दिनचर्या पूरी तरह बदल दी है। सुबह और शाम के समय घना कोहरा, ठंडी हवाएं और गलन की वजह से खासकर छोटे बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने एक अहम फैसला लिया है। बच्चों के स्वास्थ्य और उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कक्षा एक से लेकर कक्षा आठ तक के सभी स्कूलों को कुछ दिनों के लिए बंद रखने का आदेश जारी किया गया है।
यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब मौसम विभाग भी लगातार शीतलहर की चेतावनी दे रहा है। कई इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है, जिससे स्कूल आने-जाने वाले बच्चों के बीमार पड़ने का खतरा बढ़ गया है। अभिभावकों की चिंता को समझते हुए शिक्षा विभाग ने एहतियाती कदम उठाया है, ताकि बच्चे सुरक्षित माहौल में घर पर रह सकें।
भीषण ठंड के कारण 17 जनवरी तक स्कूलों में अवकाश
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार जिले में कक्षा आठ तक के सभी परिषदीय, सहायता प्राप्त और निजी स्कूल 17 जनवरी तक बंद रहेंगे। यह अवकाश केवल विद्यार्थियों के लिए घोषित किया गया है, ताकि उन्हें ठंड और शीतलहर के असर से बचाया जा सके। पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे सुबह के समय बच्चों का स्कूल पहुंचना मुश्किल हो रहा था। ठंड की गंभीरता को देखते हुए यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
अवकाश सिर्फ छात्रों के लिए, शिक्षक रहेंगे स्कूल में उपस्थित
जारी आदेश में यह भी साफ किया गया है कि यह छुट्टी केवल छात्रों के लिए मान्य होगी। स्कूलों के सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी पहले की तरह विद्यालय में उपस्थित रहेंगे और अपने नियमित कार्य करेंगे। अवकाश की अवधि के दौरान शिक्षकों को स्कूल में रहकर विभागीय कार्यों को पूरा करना होगा। इसमें पंजिकाओं का अद्यतन, अभिलेखों का संधारण, पाठ्यक्रम से जुड़ी तैयारी और आने वाली परीक्षाओं की योजना से संबंधित कार्य शामिल होंगे। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि छात्रों की पढ़ाई पर ज्यादा असर न पड़े।
बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताई छुट्टी बढ़ाने की वजह
बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में लगातार बढ़ रही ठंड और शीतलहर को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है और अत्यधिक ठंड में उन्हें सर्दी, खांसी और बुखार जैसी समस्याएं जल्दी हो सकती हैं।
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार आने वाले दिनों में भी ठंड का असर बना रह सकता है। सुबह और रात के समय कोहरा और गलन के कारण सड़कों पर दृश्यता कम हो जाती है, जिससे बच्चों के स्कूल आने-जाने में जोखिम बढ़ जाता है। इसी कारण एहतियात के तौर पर स्कूलों में अवकाश बढ़ाया गया है।
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अभिभावकों को दी गई खास सलाह
प्रशासन और शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को इस दौरान घर पर ही सुरक्षित रखें। बहुत जरूरी होने पर ही बच्चों को बाहर भेजें और उन्हें ठंड से बचाने के पूरे इंतजाम करें। गर्म कपड़े पहनाना, गर्म पानी का इस्तेमाल और संतुलित खानपान पर ध्यान देना जरूरी है। साथ ही, स्कूल से जुड़ी किसी भी नई सूचना के लिए केवल आधिकारिक निर्देशों पर ही भरोसा करें।
आगे क्या रहेगा स्कूलों का हाल
यदि मौसम में सुधार होता है और ठंड का असर कम होता है, तो 17 जनवरी के बाद स्कूलों को फिर से खोलने पर निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, अगर शीतलहर और ठंड का प्रकोप जारी रहता है, तो प्रशासन आगे भी स्थिति की समीक्षा कर सकता है। शिक्षा विभाग का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और हालात के अनुसार आगे के फैसले लिए जाएंगे।
कुल मिलाकर, कक्षा आठ तक के स्कूलों को 17 जनवरी तक बंद रखने का फैसला पूरी तरह बच्चों के हित में लिया गया है। भीषण ठंड और शीतलहर के बीच यह कदम छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जरूरी माना जा रहा है। अभिभावकों और शिक्षकों के सहयोग से इस अवधि को सुरक्षित और उपयोगी बनाया जा सकता है।